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Masihi Sahitya Sanstha

Masihi Sahitya Sanstha (Christian Literature Society) is a non-denominational charitable society that has been working since 1954 to provide low-cost Christian literature to rural, semi-urban, and urban churches, organizations, and bookshops in northern India. They publish a variety of Christian literature, including evangelistic tracts, booklets, Christian biographies, Christian novels, Biblical stories, health-care books, Bible study books, Bible commentaries, and calendars. MSS also conducts seminars and writers’ workshops to equip writers in the Hindi heartland.

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The Purpose of Failure

By Zac Poonen Published by Masihi Sahitya Sanstha Zac Poonen’s book, “The Purpose of Failure,” delves into the significance of failure in our lives and the profound purposes behind it. Published by Masihi Sahitya Sanstha, this insightful and inspirational work is presented in a context that resonates deeply with readers. A New Perspective on Failure The primary aim of Zac Poonen’s book is to convey that failure is not merely an obstacle but an integral part of life that drives self-reflection and growth. Failure helps us understand our limitations and weaknesses, pushing us towards improvement and self-discovery. The Importance of Failure 1. Learning Opportunity Failure provides us with invaluable opportunities to learn from our mistakes. Each time we fail, we are given the chance to analyze what went wrong and how to correct it in the future. For instance, an entrepreneur who fails in their first venture gains crucial insights into market research and financial management, better preparing them for future endeavors. 2. Humility and Patience Failure instills humility and patience. It teaches us that the path to success is rarely straightforward and that we must persevere through challenges. A student struggling in a subject learns the value of patience and persistence, which ultimately helps them achieve success. 3. New Perspective Failure forces us to reassess our goals and strategies, encouraging innovation and creativity. For example, a scientist facing repeated experimental failures may be driven to explore new hypotheses, leading to groundbreaking discoveries. 4. Strength and Confidence Overcoming failure builds mental and emotional resilience. Each setback we conquer enhances our strength and confidence, preparing us to face future challenges with greater assurance. An athlete who loses a competition but continues to train diligently develops the resilience and confidence needed to win in the future. Zac Poonen’s Insights A crucial aspect of Zac Poonen’s teachings is the spiritual dimension of failure. He emphasizes that the ultimate purpose of failure is to draw us closer to God. According to Poonen, failure humbles us, helping us shed our ego and pride. It teaches us to rely on God’s grace rather than solely on our abilities. Dependence on Divine Grace Poonen believes that failure reveals our limitations and the need for divine assistance. It reminds us that we are not infallible and that seeking God’s guidance can provide strength and wisdom. This spiritual dependency can transform our approach to life, making us more humble and spiritually attuned. Character Building Poonen also highlights that failure builds character. It fosters virtues such as patience, perseverance, and humility, which are crucial for spiritual growth. These traits not only help us in our personal and professional lives but also in our spiritual journey. Practical Applications of Failure Personal Growth Embracing failure can lead to significant personal growth. It challenges us to push beyond our comfort zones and develop new skills. For instance, someone who fails at public speaking might take courses to improve, eventually becoming an effective communicator. Professional Development In the professional realm, failure can be a catalyst for development. Companies that learn from failed projects often emerge stronger and more innovative. For example, many successful businesses have faced initial failures but used those experiences to refine their products and strategies. Spiritual Enlightenment On a spiritual level, failure can be a profound teacher. It encourages introspection and a deeper connection with our faith. Recognizing that our failures have a higher purpose can provide comfort and motivation to continue striving towards our goals with renewed vigor and faith. Conclusion “The Purpose of Failure” by Zac Poonen is a deeply inspiring book that encourages us to view failure through a transformative lens. Poonen’s insights reveal that failure is not merely an impediment but a vital experience that fosters learning, personal growth, and spiritual development. Accepting failure positively and learning from it can transform us into stronger, more patient, and more confident individuals. Zac Poonen’s teachings guide us to embrace failure as an integral part of our journey, helping us grow in every aspect of our lives.

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असफलता का उद्देश्य

ज़ैक पूनन द्वारा प्रकाशक: मसीही साहित्य संस्थान ज़ैक पूनन की पुस्तक “असफलता का उद्देश्य” (The Purpose of Failure) हमारे जीवन में असफलता के महत्व और उसके पीछे छिपे गहरे उद्देश्यों को उजागर करती है। इस पुस्तक का प्रकाशन मसीही साहित्य संस्थान द्वारा किया गया है, जो भारतीय संदर्भ में इस विचारशील और प्रेरणादायक विषय को प्रस्तुत करता है। असफलता: एक नई दृष्टिकोण ज़ैक पूनन का मुख्य उद्देश्य इस पुस्तक में यह बताना है कि असफलता केवल एक रुकावट नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो हमें आत्म-विश्लेषण और विकास के लिए प्रेरित करता है। असफलता हमें अपनी सीमाओं और कमजोरियों को समझने में मदद करती है और हमें सुधार के लिए प्रेरित करती है। असफलता का महत्व 1. सीखने का अवसर असफलता हमें हमारी गलतियों से सीखने का अवसर प्रदान करती है। हर बार जब हम असफल होते हैं, तो हमें यह सोचने का मौका मिलता है कि हमने कहां गलती की और भविष्य में उसे कैसे सुधार सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक व्यवसायी जो अपने पहले उद्यम में असफल होता है, वह बाज़ार अनुसंधान और वित्तीय प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण सबक सीख सकता है। 2. विनम्रता और धैर्य असफलता हमें विनम्र और धैर्यशील बनाती है। यह हमें यह सिखाती है कि सफलता का मार्ग हमेशा सीधा नहीं होता और हमें निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। एक छात्र जो किसी विषय में कठिनाई का सामना करता है, वह धैर्य और निरंतरता के महत्व को समझता है, जो उसे भविष्य में सफलता प्राप्त करने में मदद करता है। 3. नया दृष्टिकोण असफलता हमें हमारे लक्ष्यों और योजनाओं को पुनः मूल्यांकित करने के लिए प्रेरित करती है। यह हमें नए दृष्टिकोण अपनाने और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूर करती है। उदाहरण के लिए, एक वैज्ञानिक जो प्रयोग में असफल होता है, वह नई परिकल्पनाओं का पता लगाने के लिए प्रेरित हो सकता है, जिससे महत्वपूर्ण खोजें हो सकती हैं। 4. मजबूती और आत्मविश्वास असफलता से पार पाने से हमें मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनने में मदद मिलती है। प्रत्येक असफलता जो हम पार करते हैं, हमें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास और ताकत प्रदान करती है। एक खिलाड़ी जो प्रतियोगिता में हारता है लेकिन कड़ी मेहनत जारी रखता है, वह भविष्य में जीतने के लिए आवश्यक दृढ़ता और आत्मविश्वास विकसित करता है। ज़ैक पूनन की अंतर्दृष्टि ज़ैक पूनन की शिक्षाओं का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि असफलता का अंतिम उद्देश्य हमें ईश्वर के करीब लाना है। उनके दृष्टिकोण से, असफलता हमारे अहंकार को दूर करने और ईश्वर की कृपा पर निर्भर रहने की सीख देती है। ईश्वरीय कृपा पर निर्भरता पूनन का मानना है कि असफलता हमारी सीमाओं को प्रकट करती है और हमें ईश्वरीय सहायता की आवश्यकता का एहसास कराती है। यह हमें यह याद दिलाती है कि हम अचूक नहीं हैं और ईश्वर की मार्गदर्शक शक्ति को मान्यता देना आवश्यक है। चरित्र निर्माण पूनन यह भी बताते हैं कि असफलता हमारे चरित्र का निर्माण करती है। यह हमें धैर्य, दृढ़ता और विनम्रता जैसे गुणों को विकसित करने में मदद करती है, जो हमारे व्यक्तिगत और आध्यात्मिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये गुण न केवल हमारे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में बल्कि हमारे आध्यात्मिक यात्रा में भी सहायक होते हैं। असफलता का व्यावहारिक अनुप्रयोग व्यक्तिगत विकास असफलता को स्वीकार करने और इससे सीखने से हमारा व्यक्तिगत विकास होता है। यह हमें अपनी सीमा से परे जाने और नए कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित करती है। उदाहरण के लिए, जो व्यक्ति सार्वजनिक भाषण में असफल होता है, वह सुधार के लिए कोर्स कर सकता है और अंततः एक प्रभावी वक्ता बन सकता है। पेशेवर विकास व्यावसायिक क्षेत्र में, असफलता विकास का उत्प्रेरक हो सकती है। जो कंपनियाँ असफल परियोजनाओं से सीखती हैं, वे अक्सर अधिक मजबूत और नवाचारी बनती हैं। उदाहरण के लिए, कई सफल व्यवसायों ने शुरुआती असफलताओं का सामना किया है, लेकिन उन अनुभवों का उपयोग करके अपने उत्पादों और रणनीतियों को परिष्कृत किया है। आध्यात्मिक प्रबोधन आध्यात्मिक स्तर पर, असफलता एक गहरा शिक्षक हो सकती है। यह आत्म-निरीक्षण और हमारे विश्वास के साथ गहरे संबंध को प्रोत्साहित करती है। यह समझना कि हमारे जीवन में असफलताओं का एक उच्च उद्देश्य है, हमें अपने लक्ष्यों की ओर नए उत्साह और विश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। निष्कर्ष “असफलता का उद्देश्य” एक प्रेरणादायक पुस्तक है जो हमें असफलता को एक नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देती है। ज़ैक पूनन की अंतर्दृष्टि और मार्गदर्शन हमें यह समझने में मदद करते हैं कि असफलता केवल एक रुकावट नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण अनुभव है जो हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार करता है। जीवन में असफलता को सकारात्मक रूप से स्वीकार करना और इससे सीखना हमें एक मजबूत, धैर्यशील और आत्मविश्वासी व्यक्ति बनाता है। ज़ैक पूनन की यह पुस्तक इस यात्रा में हमारे लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक साबित हो सकती है।

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Advocating for Equality: “Dalit Christians For Constitutional Rights” by Prakash Louis

In the intricate fabric of Indian society, the plight of Dalit Christians has often been overlooked, their struggles for basic rights overshadowed by the complexities of caste dynamics. However, in “Dalit Christians For Constitutional Rights,” authored by Prakash Louis and published by Masihi Sahitya Sanstha, Prakash Louis firmly places the spotlight on these marginalized communities, shedding light on their enduring struggle for equality and justice. The book poignantly reminds readers of the challenges faced by Dalit Christians in India, particularly in accessing their fundamental rights. Through meticulous research and firsthand accounts, Prakash Louis unveils the systemic barriers and discrimination that have hindered their socio-economic and political advancement. At its core, “Dalit Christians For Constitutional Rights” is a rallying cry for social justice and equality. Louis deftly navigates the complex intersection of caste and religion, highlighting the unique struggles faced by Dalit Christians who find themselves marginalized not only by their caste status but also by their religious affiliation. Through the lens of constitutional rights, the book explores avenues for empowerment and advocacy, urging policymakers and civil society alike to address the systemic injustices that perpetuate inequality. Louis eloquently articulates the need for legislative reforms and social initiatives aimed at uplifting Dalit Christians and ensuring their full participation in the democratic process. One of the book’s most compelling aspects is its call to action. Louis challenges readers to confront their own biases and privilege, urging them to stand in solidarity with Dalit Christians in their quest for dignity and equality. By amplifying the voices of the marginalized, “Dalit Christians For Constitutional Rights” ignites a powerful conversation about social justice and human rights in contemporary India. In conclusion, “Dalit Christians For Constitutional Rights” is not just a book; it is a manifesto for change. Prakash Louis’s impassioned plea for justice resonates with readers, compelling them to confront the injustices that pervade society and work towards a more inclusive and equitable future for all. Through its pages, the book offers hope and inspiration to Dalit Christians and advocates alike, reminding us of the enduring power of solidarity in the face of adversity.

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Discovering Purpose and Fulfillment: A Journey with “The Purpose Driven Life” by Rick Warren

“The Purpose Driven Life” by Rick Warren is a renowned and highly influential book on spirituality and self-help. Published by Masihi Sahitya Sanstha, this book offers readers a valuable and inspiring guide to discovering their unique purpose and fulfilling their potential. Through its powerful messages and insightful lessons, “The Purpose Driven Life” has helped countless people worldwide find meaning, direction and fulfillment in their lives.

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